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कोल्ड डे का सितम, भीलवाड़ा में घना कोहरा, बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई गलन
By Lokjeewan Daily - 05-01-2026

 
- दृश्यता कम होने से हेडलाइट जलाकर रेंग रहे वाहन।
-  अगले एक हफ्ते नहीं मिलेगी राहत, अलर्ट जारी
भीलवाड़ा। सर्दी ने एक बार फिर अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार सुबह भीलवाड़ा शहर घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। शीतलहर और बर्फीली हवाओं के चलते ठिठुरन बढ़ गई है, जिससे आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कोहरे के कारण कई इलाकों में दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे सडक़ों पर चल रहे वाहनों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर गुजरना पड़ा। सुबह के समय वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। दरअसल,  राजस्थान समेत उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भीलवाड़ा समेत कई जिलों में सोमवार सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में तापमान लगातार तीसरे दिन 0 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं जयपुर, सीकर, पिलानी और झुंझुनूं में रविवार की रात इस सीजन की सबसे सर्द रात रही। कोटा संभाग में तो दिन भर सूरज नहीं निकला, जिससे दिन का तापमान भी काफी गिर गया। भीलवाड़ा में स्थिति यह रही कि सुबह 8 बजे के बाद भी सडक़ों पर वाहन लाइट जलाकर चलते नजर आए। शीतलहर के कारण मजदूर वर्ग और खुले में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। ठंड के बीच अब अभिभावकों को बच्चों की चिंता सताने लगी है क्योंकि शीतकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद मंगलवार से स्कूल खुलने वाले हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस भीषण सर्दी में बुजुर्ग और बच्चे विशेष सावधानी बरतें।
कल से खुलेंगे सरकारी एवं निजी स्कूल, फिर बनेगा पढ़ाई का माहौल
शीतलकालीन अवकाश के बाद कल से जिले के सरकारी एवं निजी स्कूलों में फिर से घंटी बजने जा रही है। लंबे अवकाश के बाद स्कूल खुलने से शैक्षणिक गतिविधियां पुन: पटरी पर लौटेंगी और विद्यार्थियों में एक बार फिर पढ़ाई का माहौल बनेगा। स्कूल प्रबंधन द्वारा कक्षाओं की नियमित व्यवस्था के साथ उपस्थिति को लेकर भी तैयारी पूरी कर ली गई है। हालांकि, जिले में जारी शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए छोटे बच्चों को लेकर अभिभावकों की चिंता बनी हुई है। सुबह के समय ठंड का असर अधिक होने से नर्सरी से प्राथमिक स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए छुट्टियां बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। शिक्षा विभाग की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। ऐसे में प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय ले सकता है। वहीं स्कूल प्रबंधन को भी विद्यार्थियों को गर्म कपड़ों में स्कूल भेजने और ठंड से बचाव के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों की मांग है कि शीतलहर के मद्देनजर छोटे बच्चों के लिए स्कूल समय में बदलाव या अवकाश बढ़ाया जाए। फिलहाल स्कूल खुलने को लेकर आदेश प्रभावी हैं, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए आगे कोई नया निर्देश जारी किया जा सकता है।

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