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Update Google Chromeब्रेकिंग न्यूज़
- स्वाद और सेहत का संगम
- सर्दी बढ़ते ही बढ़ी गजक की मांग
भीलवाड़ा। जैसे-जैसे सर्दी का पारा गिर रहा है, वैसे-वैसे भीलवाड़ा में तिल-गुड़ और मूंगफली से बनी गजक, रेवड़ी और पेठा की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है। गुलाबी ठंड के इस मौसम में स्वाद और सेहत के मेल ने शहरवासियों को बाजारों की ओर खींच लिया है। इसी कड़ी में तिलकनगर स्थित गजक बाजार इन दिनों खासा चर्चा में है, जहां मुरैना के कारीगरों द्वारा तैयार की जा रही शुद्ध गजक की महक लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। लकड़ी के कड़ाव में तिल और गुड़ की पारंपरिक कुटाई से बनाई गई यह गजक न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि कड़ाके की ठंड में शरीर को गर्माहट और ऊर्जा प्रदान करने के कारण इसे बेहद पौष्टिक भी माना जाता है। इसी वजह से सुबह से देर रात तक दुकान पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिल रही है। कारीगर जमना लाल साहू ने बताया कि ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए इस बार गजक की कई आकर्षक वैरायटी उपलब्ध करवाई गई हैं। इनमें स्पेशल मुरैना गजक, रोल गजक, शुद्ध देशी घी से बनी बर्फी गजक, सदाबहार गजक, रेवड़ी और मूंगफली गजक शामिल हैं। वहीं पेठा प्रेमियों के लिए सादा पेठा और रसीला अंगूरी पेठा भी तैयार किया जा रहा है। लक्ष्मण लाल साहूका कहना है कि वे गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करते। शुद्ध देशी घी और उच्च गुणवत्ता वाले तिल एवं गुड़ का उपयोग ही उनकी पहचान है। इसी शुद्धता और स्वाद के कारण हर साल सर्दियों में यहां ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड के इस मौसम में गजक केवल मिठाई नहीं, बल्कि एक परंपरा और सेहत का प्रतीक बनकर सामने आ रही है। यही वजह है कि भीलवाड़ा के बाजारों में इन दिनों मुरैना की मशहूर गजक की महक साफ महसूस की जा सकती है।
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2026-01-02 15:12:47