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21 साल का अंधेरा खत्म, मजदूरी के नाम पर लापता हुआ सांवरिया मिला जीवित
By Lokjeewan Daily - 04-02-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन । प्रताप नगर थाना पुलिस ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसने 'उम्मीद' की परिभाषा बदल दी। करीब 21 साल पहले मजदूरी के बहाने गुजरात ले जाया गया युवक सांवरिया माली, जिसे परिवार मृत मान चुका था, आखिरकार पुलिस की सूझबूझ और तकनीक की मदद से सकुशल मिल गया है। दरअसल, सांवरिया माली वर्ष 2005 में लापता हुआ था। उसके पिता रतनलाल माली ने 2008 में आरोप लगाया था कि कुछ लोग उसे गुजरात के भुज क्षेत्र में काम दिलाने के बहाने ले गए और बंधक बना लिया। सांवरिया इस दौरान भुज, गांधीधाम, वापी, मुंबई और सूरत जैसे शहरों में भटकता रहा और फैक्ट्रियों व होटलों में काम कर अपना जीवन यापन करता रहा। मामले में नया मोड़ तब आया जब सहायक उप निरीक्षक चिराग कायमखानी और कांस्टेबल राजेंद्र गाडरी ने जांच दोबारा शुरू की। पुलिस को सांवरिया का आधार नंबर मिला, जिससे उसके चालू मोबाइल की लोकेशन भीलवाड़ा के कारोली क्षेत्र में एक ढाबे (जोगणिया भोजनालय) पर मिली। 3 फरवरी 2026 को पुलिस ने उसे वहां से दस्तयाब किया। यह मिलन भावुक तो है, लेकिन इसका एक दुखद पहलू भी है। अपने बेटे की राह देखते-देखते पिता रतनलाल माली की वर्ष 2015 में मृत्यु हो गई। अब पुलिस पुराने आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है कि क्या वाकई उसे बंधक बनाकर रखा गया था।

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