It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.

Please update to continue or install another browser.

Update Google Chrome

सीएमएचओ की कुर्सी का मामला- उच्च न्यायालय सख्त: आदेश की अवमानना पर अफसरों को नोटिस, 11 फरवरी को तलब,
By Lokjeewan Daily - 04-02-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) पद को लेकर चल रहे प्रशासनिक विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। उच्च न्यायालय जोधपुर ने अपने पूर्व आदेश की कथित अवमानना के मामले में चिकित्सा एवं कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर 11 फरवरी को तलब किया है। मामला डॉ. चेतेंद्र पूरी गोस्वामी से जुड़ा है, जिन्हें निलंबित किए जाने के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। न्यायालय से उन्हें निलंबन और चार्जशीट पर स्थगन (स्टे) मिला था। इसके बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई। आरोप है कि डॉ. गोस्वामी के भीलवाड़ा में पदभार ग्रहण करने से पहले ही विभाग ने जल्दबाजी में आदेश जारी कर आरसीएचओ डॉ. संजीव कुमार शर्मा को सीएमएचओ का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। यह आदेश न्यायालय से स्थगन मिलने के बाद जारी हुआ बताया गया है। इस पर डॉ. गोस्वामी ने पुन: उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मुकेश राजपुरोहित की पीठ ने प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा विभाग गायत्री राठौड़, संयुक्त शासन सचिव (ग्रुप-2) निशा मीणा, प्रमुख शासन सचिव कार्मिक विभाग अर्चना सिंह तथा शासन उप सचिव लेखराज सेनी को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई प्रारंभ की जाए। गौरतलब है कि पिछले छह माह में भीलवाड़ा जिले में सीएमएचओ पद पर चार बार बदलाव हो चुका है, लेकिन अब तक स्थायी रूप से पदभार नहीं सौंपा गया। इससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल असर पडऩे की चर्चा है। प्रशासनिक खींचतान के बीच अब सभी की नजरें 11 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

अन्य सम्बंधित खबरे