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केंद्र के मेगा टेक्सटाइल पार्क पर हमारा हक, मिला तो 10 हजार करोड़ का बढ़ेगा व्यापार, 15 हजार रोजगार
By Lokjeewan Daily - 21-02-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। देश-विदेश में टेक्सटाइल सिटी के रूप में विख्यात भीलवाड़ा का मेगा टेक्सटाइल पार्क पर पहला हक है। इसकी वजह है भीलवाड़ा टेक्सटाइल उद्योग का सालाना कारोबार 30 हजार करोड़ रुपए है। 80 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  बजट में देश में चैलेंजिंग मोड पर मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की घोषणा की। इसमें टेक्नीकल टेक्सटाइल को प्राथमिकता दी गई है। यदि ये हमें मिल जाता है तो भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग के विकास को पंख लग जाएंगे। टेक्नीकल टेक्सटाइल का भी उत्पादन बढ़ेगा। लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का व्यापार बढ़ेगा। 15 हजार नए रोजगार सृजित होंगे। मेगा टेक्सटाइल पार्क भीलवाड़ा को मिले, इसके लिए लोकसभा सचेतक एवं सांसद दामोदर अग्रवाल निरंतर प्रयासरत हैं। ये पार्क रूपाहेली में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के अतिरिक्त होगा। अग्रवाल ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर सशक्त पैरवी की है। अग्रवाल भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री शर्मा को पत्र में बताया कि भीलवाड़ा वस्त्र उद्योग में वर्तमान में 16 हजार  अत्याधुनिक लूमें चल रही हैं। हर महीने 10 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन किया जा रहा है। इस क्षेत्र में 80 हजार श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। सालाना 30 हजार करोड़ रुपए का व्यापार होता हैं। इसमें 8 हजार करोड़ रुपए निर्यात शामिल है। यहां धागा बनाने से लेकर कपड़ा बनाने, प्रोसेस करने एवं गारमेट्स बनाने सहित सभी उद्योग हैं। मेगा टेक्सटाइल पार्क मिलने से टेक्सटाइल सेक्टर के विकास की प्रबल संभावना है। लगभग 10 हजार रुपए का व्यापार बढ़ेगा। साथ ही 15 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सांसद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आग्रह किया है कि वे भीलवाड़ा के लिए एक पार्क केंद्र सरकार के बजट 2026 में घोषित मेगा टेक्सटाइल पार्क योजना में स्वीकृत करवाने के लिए प्रधानमंत्री को भेजें।

2022 में जोधपुर के नाम का भेजा था प्रस्ताव
केंद्र सरकार ने 2022 के बजट में सात पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की घोषणा की थी। तब तत्कालीन  अशोक गहलोत सरकार ने भीलवाड़ा की उपेक्षा कर जोधपुर के नाम का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। जोधपुर में वीविंग इंडस्ट्री और कपड़े का उत्पादन नहीं होने के कारण प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ। टेक्सटाइल हब होने के बावजूद भीलवाड़ा के साथ अन्याय हुआ।
इस बार टेक्नीकल टेक्सटाइल पर फोकस
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को पेश बजट 2026-27 में चैलेंज मोड (प्रतिस्पर्धात्मक आधार) के तहत नए मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की घोषणा की। ये टेक्नीकल टेक्सटाइल पर फोकस होगा। इसके अलावा अन्य इंडस्ट्री भी होगी। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों को टक्कर देना है। ये पार्क एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर होंगे जो उत्पादन और रोजगार को बढ़ावा देंगे।
टेक्नीकल टेक्सटाइल क्या
केंद्र सरकार टेक्सटाइल पार्क स्थापना के लिए चैलेंज मोड पर चयन करेगी।  यानी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों/क्षेत्रों को मेगा पार्क के लिए चुना जाएगा। टेक्निकल टेक्सटाइल्स पर फोकस का मतलब है कि औद्योगिक, चिकित्सा, रक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए उपयोग होने वाले हाई-टेक वस्त्रों पर जोर रहेगा।
इनका कहना है...

केंद्र सरकार के बजट 2026 में देश में चैलेंज मोड पर मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की घोषणा की गई। मैं इसके लिए प्रयासरत हूं। यह पार्क हुरड़ा के रूपाहेली में टेक्सटाइल पार्क के अतिरिक्त होगा। रूपाहेली पार्क के लिए तो राज्य सरकार ने 240 करोड़ रुपए इंफ्रास्ट्रक्चर  डवलपमेंट के लिए जारी कर दिए हैं।
- दामोदर अग्रवाल, लोकसभा सचेतक एवं  सांसद, भीलवाड़ा

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