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शीतला सप्तमी पूर्व संध्या: 'बहुरूपिया' रंग में रंगा भीलवाड़ा, उमड़ा आस्था का सैलाब
By Lokjeewan Daily - 11-03-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन | शहर के पुराने सर्राफा बाजार में शीतला सप्तमी की पूर्व संध्या पर उल्लास और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। आनंद ऑर्नामेंट्स के पास स्थित भेरुनाथ के स्थान पर अंतरराष्ट्रीय कलाकार पद्मश्री जानकीलाल भांड ने 'भोपा' अवतार में अपनी कला का प्रदर्शन कर शहरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भेरुनाथ के दरबार में धोक लगाकर खुशहाली की मन्नतें मांगी।

350 वर्षों से जीवंत है परंपरा

​मुर्दाडोल समिति के अध्यक्ष लादूलाल भांड ने बताया कि यह परंपरा पिछले 350 वर्षों से अनवरत जारी है। रात्रि जागरण के दौरान भेरुजी के स्थान पर धूप-अगरबत्ती के बीच ढोल और झालर की गूंज रही, वहीं कलाकारों ने 'केसरिया' गीत गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में पीरु और सोनू ने महिला वेशभूषा में शानदार नृत्य की प्रस्तुतियां दीं।

आज निकलेगी 'जिंदा मुर्दे' की सवारी

​शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे चित्तौड़ वाले की हवेली से प्रसिद्ध 'जिंदा मुर्दे' की अनूठी सवारी निकाली जाएगी।

सहयोग: इस आयोजन को सफल बनाने में राजेश (लादू) कसारा, नरेश पाटोदिया, अंकुश जयसवाल, डालचंद जीनगर, विजय लढा, यशोवर्धन सेन, सुनील टिक्कीवाल और अर्जुन कसारा सहित कई गणमान्य नागरिक जुटे हैं।

  • मार्ग: यह यात्रा रेलवे स्टेशन, गोल प्याऊ चौराहा, भीमगंज थाना और सर्राफा बाजार से होते हुए बाहला स्थित श्मशान पहुंचेगी।
  • खासियत: अंतिम संस्कार से ठीक पहले अरथी पर लेटा 'मुर्दा' अचानक उठकर भाग निकलेगा।
  • मान्यता: स्थानीय निवासियों का मानना है कि इस यात्रा में शामिल होने और अपशब्दों के माध्यम से मन की भड़ास निकालने से साल भर की नकारात्मकता दूर होती है और परिवार में सुख-समृद्धि व आरोग्य का वास होता है।

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