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लोक अदालत में आपसी समझाइश से मिट रही दिलों की दूरियां, लोक अदालत शुरू
By Lokjeewan Daily - 14-03-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। जिले में शनिवार को न्याय की चौखट पर सुलह का सूरज उगा। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आगाज आज सुबह पूरे उत्साह के साथ हुआ। जिला एवं सेशन न्यायाधीश  अभय जैन के मार्गदर्शन में जिले भर में गठित 19 बैंचों के समक्ष राजीनामे के लिए पक्षकारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोक अदालत की खास बात यह रही कि यहाँ का माहौल पारंपरिक अदालतों की तरह तनावपूर्ण न होकर बेहद सहज और अनौपचारिक नजर आया। न्यायाधीश, राजस्व अधिकारी और अनुभवी अधिवक्ताओं की मौजूदगी वाली बैंचों में पक्षकार आमने-सामने बैठकर अपनी बात खुलकर रख रहे हैं। प्राधिकरण सचिव  विशाल भार्गव ने बताया कि लोक अदालत का मूल मंत्र  न किसी की हार, न किसी की जीत  है। अदालत में न केवल न्यायालयों में लंबित सिविल और फौजदारी मामले, बल्कि राजस्व मामलों का भी बड़ी  संख्या में निस्तारण किया जा रहा है। प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) स्तर पर भी बैंक रिकवरी, बिजली बिल विवाद और अन्य संस्थागत मामलों में पक्षकारों को भारी राहत मिल रही है। सचिव ने अपील की है कि लोक अदालतें मूल राशि में छूट और ब्याज माफी का सुनहरा अवसर है। पक्षकार अपने समय और धन की बचत के लिए इस मंच का लाभ उठाएं।  कई वित्तीय मामलों में भारी भरकम ब्याज छोडक़र मूल राशि पर समझौते किए जाते हैं। जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों तक न्याय पहुँचाने के लिए व्यापक प्रबंध है।  लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद का हमेशा के लिए अंत हो जाता है। अदालत में काफी प्रकरणों के निस्तारित होने की उम्मीद है, जिससे न्यायालयों में लंबित मुकदमों का बोझ कम होगा और वर्षों पुराने विवादों का अंत  शांति  के साथ होगा। 

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