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माता-पिता की सहमति के बिना विवाह पर संवाद और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता - सोडाणी
By Lokjeewan Daily - 26-03-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। जिले के आमल्दा गांव में  पिता के अपनी जीवित बेटी के अंतरजातीय प्रेम विवाह करने पर  शोक संदेश छपवाने के बाद  अंतरराष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब, भीलवाड़ा ने चर्चा चाय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। क्लब के राष्ट्रीय महासचिव डॉ अशोक सोडाणी एवं भीलवाड़ा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील दरक ने ऐसे माता पिता को  सम्मानित करने का निर्णय लिया। चर्चा के दौरान वक्ताओं ने समाज में तेजी से बदलते सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक अपेक्षाओं पर खुलकर विचार रखे। वक्ताओं का कहना था कि यह समस्या किसी एक गांव या परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में कई परिवार इस प्रकार की परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। माता-पिता अपने बच्चों को बड़े सपनों के साथ शिक्षित करते हैं, लेकिन कई बार युवा अपनी पसंद के निर्णय लेते हुए पारिवारिक भावनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं। चर्चा में यह भी सामने आया कि संविधान सभी को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार देता है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं समाज के कुछ सांस्कृतिक और पारंपरिक मूल्य भी हैं, जिन्हें बचाए रखने की जरूरत बताई गई।  माता-पिता की सहमति के बिना होने वाले विवाहों को लेकर समाज में संवाद और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। वर्तमान समय में छोटे परिवारों का चलन बढ़ा है, जहां एक या दो संतान ही होती हैं। ऐसे में बच्चों को लगता है कि अंतत: माता-पिता उनकी इच्छा मान लेंगे, जिससे टकराव की स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बदलते दौर में परंपरा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

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