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मौसम का मिजाज बिगड़ा, सूबह तेज धूप और दोपहर में बारिश, खेतों में किसानों की बढ़ी चिंता
By Lokjeewan Daily - 07-04-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन।  शहर में सुबह से ही तेज धूप के बाद दोपहर होते-होते रिमझिम फुहारों ने शहर को भिगो दिया। जिले में मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दीं। सुबह से ही धूप-छाव के खेल के बीच ठीक 11.30 बजे अचानक शुरू हुई बेमौसम रिमझिम बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। शहर की सडक़ों पर जहां सन्नाटा पसर गया, वहीं खेतों में खड़ी और खलिहानों में पड़ी फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। भीलवाड़ा जिले के ग्रामीण अंचलों में इस समय फसल कटाई और लावणी का काम जोरों पर है। ऐसे में अचानक हुई इस बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। खेतों म कटी हुई सरसों और चने की फसल भीगने से दानों के काले पडऩे और सडऩे का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय की बारिश से गेहूं की चमक फीकी पड़ सकती है और फसलें जमीन पर बिछ सकती हैं  जिससे पैदावार में भारी कमी आने की आशंका है। जिन किसानों ने फसल काटकर ऊपज खलिहानों में रखी थी, उन्हें तिरपाल और प्लास्टिक से ढकने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।  बारिश के चलते पारे में गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिली। अचानक आई बारिश से बाजारों में खरीदारी करने आए लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। दुपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।  मौसम केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण भीलवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में यह बदलाव देखा गया है। आगामी 24 से 48 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी हुई है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि यदि फसल काट ली गई है, तो उसे सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर रखें। कटी हुई फसल को ढकने के लिए पुख्ता इंतजाम करें ताकि नमी से बचाव हो सके। गौरतलब है कि  बेमौसम की इस  आफत की बारिश  ने न केवल पारे को गिराया है, बल्कि किसानों के लिए आर्थिक संकट के द्वार भी खोल दिए हैं। अब सबकी नजरें प्रशासन की गिरदावरी और राहत की घोषणाओं पर टिकी हैं।

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