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विजिलेंस की रडार पर वसूली का खेल, थानों में रिकॉर्ड खंगाल रही अजमेर की टीम
By Lokjeewan Daily - 08-04-2026

भीलवाड़ा। वस्त्रनगरी में इन दिनों पुलिस विभाग के भीतर मचे हडक़ंप ने सत्ता के गलियारों तक को हिला दिया है।  अवैध गारनेट के काले कारोबार में खाकी और रसूखदारों के बीच पनपे गहरे गठजोड़ का पर्दाफाश होने के बाद, पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। भीलवाड़ा में तैनात सहायक पुलिस अधीक्षक माधव उपाध्याय अब विजिलेंस के सीधे रडार पर हैं और उनके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। दरअसल, अजमेर जीआरपी एसपी नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष विजिलेंस टीम भीलवाड़ा में डेरा डाले हुए है। टीम ने पिछले दो दिनों के दौरान पुर और कोटड़ी थानों में घंटों बैठकर साक्ष्य जुटाए हैं। जांच का मुख्य केंद्र वह लाखों रुपयों की अवैध वसूली है, जो अवैध खननकर्ताओं को डरा-धमकाकर की गई थी। इस मामले में पुलिस के आला अधिकारियों की संलिप्तता ने महकमे की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तार आरोपी अजय पांचाल, नंदसिंह, नारायण गुर्जर और कालू गुर्जर के मोबाइल फोन अब पुलिस के लिए राज उगलने वाली मशीन बन गए हैं। विजिलेंस टीम ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए माधव उपाध्याय के खास रहे लोगों के ठिकानों पर भी दबिश दी है। पथिक नगर सहित कई इलाकों में टीम ने महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। उपाध्याय के अधीन कार्यरत कार्यालयों और पुलिस थानों के स्टाफ से भी कड़ी पूछताछ की जा रही है। यह मामला केवल अवैध खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राजनीतिक रसूखदारों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य आरोपी अजय पांचाल के संबंध स्थानीय जन प्रतिनिधियों के करीबियों से होने की बात सामने आ रही है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने भी उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है जो नियमों को ताक पर रखकर इस सिंडिकेट का हिस्सा बने हुए थे।   

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