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मजबूरी की बेंच : एमजीएच में मरीज बढ़े, कम पड़ रहे बेड, बेंचों पर लेना पड़ रहा इलाज
By Lokjeewan Daily - 23-04-2026

-वार्डों में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती
- मरीज हो रहे बेहाल, परिजन परेशान
 

भीलवाड़ा लोकजीवन। जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी चिकित्सालय में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ जाने से चिकित्सा व्यवस्थाएं खुद  बीमार  नजर आ रही हैं। मौसमी बीमारियों और मरीजों की अचानक बढ़ी तादाद ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाएं बिगाड़ कर रख दी है। आलम यह है कि कुछ वार्डों में बेड कम पड़ गए हैं, जिसके चलते मरीजों को लोहे की बेंचों पर लेटाकर ड्रिप चढ़ाई जा रही है। अस्पताल के जनरल वार्डों की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है।  लोकजीवन टीम ने जब पड़ताल की तो पाया कि वार्डों में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती हैं। कई बेड ऐसे दिखे जहां एक ही बेड पर दो मरीजों को सटाकर लिटाया गया है। इतना ही नहीं, बेड की कमी के चलते मरीजों के परिजनों को भी उसी तंग जगह में बैठना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा दोगुना हो गया है।
बेंच बनी मरीजों के लिए  इमरजेंसी बेड
वार्डों में जगह की किल्लत इस कदर है कि जिन बेंचों पर मरीजों के बैठने का इंतजाम होता था, अब वहां मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीजों को घंटों तक बेंच या फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। परिजनों का कहना है कि भीड़ इतनी है कि डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी बेबस नजर आ रहे हैं। 
वायरल सहित अन्य बीमारियों के है मरीज
गर्मी के मौसम में वायरल, डायरिया और अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, जिससे अस्पताल पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि व्यवस्थाओं को सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं, आगे ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।  

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