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आरजीएचएस के मर्ज में फंसी दवाइयों की उधारी, भीलवाड़ा के 25 करोड़ अटके, जयपुर गए व्यापारी
By Lokjeewan Daily - 27-04-2026

- फाइलें दबाए बैठे है अफसर
- सडक़ों पर उतरे दवा विक्रेता
भीलवाड़ा लोकजीवन।  सरकार की महत्वाकांक्षी राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम अब खुद  बीमार नजर आ रही है। प्रदेशभर के निजी अस्पतालों के बाद अब निजी दवा विक्रेताओं ने भी मोर्चा खोल दिया है। भीलवाड़ा जिले के करीब 25 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान पिछले लंबे समय से अटका हुआ है, जिसके विरोध में आज जिले के केमिस्ट जयपुर कूच कर रहे हैं। प्रदेशभर में क्रत्र॥स् का कुल बकाया 1200 करोड़ रुपए के पार जा चुका है। भीलवाड़ा में स्थिति और भी गंभीर है। भीलवाड़ा का कुल बकाया: 25 करोड़ से अधिक है।  सहकारी उपभोक्ता भंडार की 10 करोड़ की उधारी है।  जिले के 18,000 कर्मी और पेंशनर्स परेशान है।
जयपुर में कर रहे है शक्ति प्रदर्शन
प्रादेशिक दवा विक्रेता समिति के जिला संयोजक सुनील भारद्वाज के नेतृत्व में भीलवाड़ा सहित प्रदेशभर के लगभग 1200 केमिस्ट अजयपुर में एकत्रित  हुए। वा विक्रेताओं का कहना है कि जब तक लंबित भुगतान जारी नहीं होता, वे संबंधित विभागों के कार्यालयों के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। उनकी मांग है कि अटकी हुई बड़ी राशि का तत्काल भुगतान किया जाए। भुगतान प्रक्रिया की निगरानी के लिए केमिस्ट प्रतिनिधियों वाली समिति बने। थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा बेवजह रिजेक्शन और कम भुगतान पर लगाम लगे। गौरतलब है कि दवा विक्रेताओं के इस कदम से जिले के हजारों पेंशनर्स और राजकीय कर्मचारियों के लिए दवाइयों का संकट खड़ा हो सकता है। सरकार के लिए अब यह साख का सवाल बन गया है कि वह इस वित्तीय डेडलॉक को कैसे तोड़ती है।

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