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तीन दशक का सफर बाल व महिला चेतना समिति मनाएगी महिला नेतृत्व उत्सव - ग्रामीण हाट में पीडि़त परिवारों से सीधा संवाद करेगी संस्था
By Lokjeewan Daily - 22-05-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। महिला सशक्तिकरण और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में तीन दशक से सक्रिय बाल व महिला चेतना समिति अपने 33 वर्ष पूर्ण होने पर शनिवार को महिला नेतृत्व उत्सव का आयोजन करेगी। आयोजन से पूर्व शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था की अब तक की यात्रा, महिला अधिकारों को लेकर किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संस्था अध्यक्ष तारा अहलूवालिया ने बताया कि समिति ने पिछले तीन दशकों में महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर लगातार जमीनी स्तर पर काम किया है। संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ी महिलाओं और बच्चों को मुख्यधारा से जोडऩा रहा है। विशेष रूप से बाल अधिकार, महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय के विषयों को प्राथमिकता दी गई। प्रेस वार्ता में डायन हिंसा जैसी अमानवीय कुप्रथा के खिलाफ संस्था के संघर्ष को प्रमुखता से रखा गया। संस्था ने भीलवाड़ा सहित चित्तौडग़ढ़, अजमेर और केकड़ी क्षेत्रों में ऐसे मामलों को उठाकर पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता और सामाजिक समर्थन उपलब्ध कराया। तारा अहलूवालिया ने कहा कि कई मामलों में महिलाओं को गांव से बहिष्कृत तक कर दिया जाता है, लेकिन संस्था लगातार उनके पुनर्वास और न्याय के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि संस्था के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। अमेरिका की प्रसिद्ध पत्रिका यूएस टुडे, लंदन की प्रतिष्ठित द इकोनॉमिस्ट और अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में डायन हिंसा के खिलाफ संस्था के कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इसी विषय पर संस्था ने द विच हंटेड नामक पुस्तक भी तैयार की है, जिसमें जमीनी सच्चाइयों को सामने लाया गया है। संस्था के प्रयासों का ही परिणाम है कि जिला पुलिस प्रशासन ने डायन हिंसा मामलों के लिए विशेष स्ह्रक्क जारी की है। इसके लागू होने से थाना स्तर पर पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और पीडि़त  महिलाओं को त्वरित कार्रवाई व कानूनी सहायता मिल सकेगी। संस्था का लक्ष्य है कि किसी भी पीड़िता को न्याय के लिए भटकना न पड़े। अध्यक्ष ने बताया कि महिला नेतृत्व उत्सव के तहत ग्रामीण हाट में सुबह 11 बजे से विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें पीडि़त महिलाओं और उनके परिवारों से आमने-सामने संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व कौशल को विकसित करना, संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक स्तर पर सामाजिक परिवर्तन को मजबूती देना है। प्रेस वार्ता में हेमलता अगनानी, परमेश आदि भी मौजूद रहे।

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