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अल्प वेतन पर सेवा दे रहे कार्मिकों को सता रहा नौकरी जाने का डर, वित्तीय वर्ष तक सेवा विस्तार की मांग
By Lokjeewan Daily - 02-06-2026

-  महात्मा गांधी अस्पताल में कार्यरत है 48 नर्सिंगकर्मी
- कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सांसद को सौंपा ज्ञापन
भीलवाड़ा लोकजीवन। जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी हॉस्पिटल में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत 48 नर्स ग्रेड-2 कर्मियों के सामने अचानक रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। अन्य जिलों में आए प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के नए आदेशों के बाद स्थानीय कार्मिकों में सेवा समाप्ति की आशंका गहरा गई है। अपनी इस पीड़ा को लेकर नर्सिंग कर्मियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर  सांसद को एक ज्ञापन सौंपकर राहत प्रदान करने की गुहार लगाई है। सांसद को सौंपे गए ज्ञापन में कार्मिकों ने बताया कि वे पिछले 2 से 3 वर्षों से एमजी हॉस्पिटल के विभिन्न विभागों, जनरल वार्डों सहित क्रिटिकल एरिया जैसे मेडिकल आईसीयू  और स्टेपडाउन आईसीयू में पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ मरीजों की सेवा कर रहे हैं। वर्तमान में इन सभी 48 कार्मिकों को मात्र 7,320 रुपये मासिक का अल्प वेतन मिल रहा है। इतने कम मानदेय में भी वे मुस्तैदी से डटे हुए हैं, लेकिन अब नौकरी से हटाए जाने के डर ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
नए सरकारी आदेश से बढ़ी धडक़नें
दरअसल, चिकित्सा शिक्षा विभाग (जयपुर) द्वारा हाल ही में जारी एक आदेश के तहत विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में आईसीयू बेड और पदों के रूपांतरण को लेकर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गई हैं। इस नए बदलाव और राजस्थान के अन्य जिलों से आए आदेशों के पैटर्न को देखते हुए भीलवाड़ा के इन 48 प्लेसमेंट कार्मिकों को डर है कि उनकी सेवाएं कभी भी समाप्त की जा सकती हैं।
चालू वित्तीय वर्ष तक मिले सेवा विस्तार
नर्सिंग कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि अस्पताल में मरीजों के भार और उनकी लंबी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए फिलहाल उनकी सेवाएं समाप्त न की जाएं। उन्होंने सांसद से हस्तक्षेप की मांग करते हुए आग्रह किया है कि उन्हें वर्तमान वित्तीय वर्ष (2026-27) तक इसी पद पर कार्य करते रहने की अनुमति दिलाई जाए, ताकि उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा न हो। इस दौरान बड़ी संख्या में प्लेसमेंट एजेंसी के नर्सिंग कर्मी मौजूद रहे।

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