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अरावली संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, हाई पावर कमेटी करेगी जमीनी अध्ययन
By Lokjeewan Daily - 04-08-2026

जयपुर। अरावली पर्वतमाला की परिभाषा, पर्यावरणीय अखंडता और संरक्षण से जुड़े मुद्दों के अध्ययन के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी (एचपीसी) 6 से 10 अगस्त तक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अरावली क्षेत्र का दौरा करेगी। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के महानिदेशक की अध्यक्षता वाली समिति फील्ड विजिट के दौरान पर्यावरण, भू-वैज्ञानिक संरचना, जल संसाधनों, जैव विविधता, खनन गतिविधियों, भूमि उपयोग और स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़े पहलुओं का जमीनी आकलन करेगी।
समिति विभिन्न हितधारकों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। इस संबंध में आईसीएफआरई ने राजस्थान के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर वरिष्ठ नोडल अधिकारी नियुक्त करने और दौरे के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। पत्र में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 मई 2026 को समिति का गठन किया था। राज्य सरकार को 27 जून को भी नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं होने पर दोबारा पत्र लिखा गया है।
समिति अरावली क्षेत्र में पर्यावरणीय स्थिति, भू-वैज्ञानिक संरचना, जल संसाधनों, जैव विविधता, खनन गतिविधियों, भूमि उपयोग में बदलाव और स्थानीय लोगों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभावों का प्रत्यक्ष अध्ययन करेगी। इसका उद्देश्य संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सुप्रीम कोर्ट को वैज्ञानिक आधार पर सुझाव देना है।

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