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सहकारिता विभाग की योजनाओं में तेजी लाए प्रभारी अधिकारी-डॉ. समित शर्मा
By Lokjeewan Daily - 08-08-2026

जयपुर, । शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डाॅ. समित शर्मा ने नेहरू सहकार भवन में स्थित मीटिंग हाॅल में शुक्रवार को वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि सहकार से समृद्धि कार्यक्रम के क्रियान्वयन, अधिनियमान्तर्गत वैधानिक दायित्वों के निष्पादन तथा प्रशासनिक कार्यों के लिए की-परफोरमेंस-इण्डीकेटर्स (केपीआई) के आधार पर खण्ड एवं जिलों को रैंकिंग दी गई है। जिसमें खण्ड स्तर पर उदयपुर प्रथम स्थान तथा जयपुर खण्ड द्वितीय स्थान पर रहा है। इसी प्रकार टोंक जिला प्रथम स्थान रहा तथा सीकर जिला द्वितीय स्थान पर रहा है। बैठक में ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के तहत विश्व की सबसे बड़ी अन्न भण्डारण योजना के अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्यों की संभाग/जिलेवार किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अन्तर्गत समयबद्ध गोदामों के निर्माण हेतु प्रस्ताव भिजवाना, भूमि आवंटन करवाना, अनुपयोगी गोदामों को उपयोगी बनाने, कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना करने एवं काॅमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से ई-मित्र सेवाएं प्रदान करने, ई-पैक्स सर्टिफिकेट जारी करवाने के निर्देश प्रदान किये गए तथा भूमि विहीन केवीएसएस में गोदाम निर्माण हेतु भूमि आवंटन, जिले में गोदाम निर्माण के लिए लक्षित समितियों द्वारा प्रेषित प्रस्तावों तथा रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा स्वीकृत गोदाम निर्माण कार्यों को प्रारम्भ करने वाली समितियों की स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्मित गोदामों के उपयोगिता प्रमाण-पत्र, पात्र 500 एमटी क्षमता वाले पंजीकृत गोदामों तथा जिले में केवीएसएस द्वारा उपयोग में लिए जा रहे गोदामों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गोदाम निर्माण केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। डाॅ. शर्मा ने बताया की सहकार से समृद्धि योजनान्तर्गत राज्य में डेयरी समितियों के गठन एवं निष्क्रिय डेयरी सहकारी समितियों को यथासंभव सक्रिय करवाने अथवा नही होने की स्थिति में शीघ्र अवसायन के निर्देश प्रदान किये। समस्त उप/सहायक रजिस्ट्रारों को जिला दुग्ध संघों से सूचना प्राप्त कर सक्रिय/निष्क्रिय समितियों के आंकडों को एनसीडी/राज सहकार पोर्टल पर अद्यतन किए जाने के भी निर्देश दिए।
बैठक के दौरान उन्होंने समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु विभाग में लागू एईबीएस प्रणाली की समीक्षा करते हुए बार-बार कार्यालय में अनुपस्थित पाए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही एवं समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को उपस्थिति पंजीका में दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज करने के भी निर्देश प्रदान किए है।
शर्मा ने धारा 55 एवं धारा 57(1) व 57(2) के अन्तर्गत लंबित प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा की तथा धारा 25 के अन्तर्गत सोसाइटियों द्वारा आमसभा आयोजित किए जाने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा अनावश्यक रूप से कोई प्रकरण लंबित नहीं रखा जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त पत्रों एवं शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्वक निस्तारण, सीसीए-16/17 के प्रकरणों का समय पर निस्तारण, न्यायालय के प्रकरणों में समयबद्ध जवाबदावा प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किए।
डाॅ. शर्मा ने बैठक में राजकाज ई-फाइलिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित ई-फाइलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय के कार्यों में डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करते हुए कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाया जाए। सभी अधिकारियों को आगामी समीक्षा बैठक से पूर्व निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति में स्पष्ट सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने समयबद्धता, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन को विभाग की प्राथमिकता बताते हुए सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
शासन सचिव ने प्रगति की समीक्षा करते हुए समस्त क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारियों एवं विशेष लेखा परीक्षकों को चालू ऑडिट तथा बैक लाॅग ऑडिट, पैक्स ऑन सिस्टम प्रगति (जिलेवार), ऑडिट फीस वसूली प्रगति, विशेष लेखा परीक्षक द्वारा अंकेक्षक (विभागीय सीए/सीए फर्म) द्वारा की गई ऑडिट समितियों का निरीक्षण, ऑडिट हेतु प्रयास एवं ऑडिट नहीं करवाने वाली समितियों के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश प्रदान किये।जिला प्रभारी अधिकारियों को संबोधित करते हुए विभाग की प्रमुख पहलों तथा योजनाओं की जिलों में जाकर प्रभावी माॅनिटंरिग करने एवं गूगल फार्मेट के निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किये।

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