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जयपुर,। राजस्थान एंटरप्राइजेज सिंगल विंडो इनेबलिंग एंड क्लियरेंस एक्ट, 2011 के तहत गठित स्टेट एम्पावर्ड कमेटी (SEC) ने मंगलवार को राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (RIPS) के तहत कस्टमाइज़ पैकेज के लिए प्राप्त परियोजनाओं पर चर्चा की। इससे राज्य में 2882.05 करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता खुलेगा। कमेटी की 44वीं बैठक मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई। ये परियोजनाएं टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, गैस डिस्ट्रीब्यूशन, ऑटोमोबाइल और केमिकल्स सहित कई सेक्टर्स से जुड़ी हैं। इन से राज्य में 8015 से ज़्यादा नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। राज्य में निवेश के लिए हिंदुस्तान ज़िंक फ़र्टिलाइज़र प्राइवेट लिमिटेड, एम.आर. वीविंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड, डायकिन एयर कंडीशनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ईपैक ड्यूरेबल लिमिटेड, एजीएंडपी प्रथम प्राइवेट लिमिटेड और लेंसकार्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनके निवेश न सिर्फ़ राज्य के विकास में योगदान देंगे बल्कि राज्य में रोज़गार भी पैदा करेंगे।
मुख्य सचिव, वी. श्रीनिवास ने कहा, “निवेशकों ने राज्य के विकास के विज़न पर बहुत भरोसा दिखाया है। हमारा लक्ष्य राज्य में निवेश को आसान बनाना है। निवेश प्रस्तावों को स्वीकृत करने की प्रक्रिया को आसान बनाकर और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल को बढ़ावा देकर हम दीर्घकालिक और सतत आर्थिक विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं।
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजन (RIPS) 2024, अर्बन डेवलपमेंट एंड हाउसिंग (UDH ) पॉलिसी, रीको (RIICO) डायरेक्ट लैंड अलॉटमेंट स्कीम, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC )पॉलिसी 2025, राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2025, राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी 2025, राजस्थान डेटा सेंटर 2025 पॉलिसी, राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी 2025 जैसी निवेश अनुकूल नीतियों और कार्यक्रमों के लागू होने से निवेशकों को एक सकारात्मक नज़रिया मिला है और राज्य में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।
राजस्थान की भौगोलिक स्थिति निवेशकों को बड़ा फायदा देती है। राजस्थान बड़े औद्योगिक कॉरिडोर और बाजारों से जुड़ा हुआ है। राज्य में स्किल्ड वर्कफोर्स है, साथ ही प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन भी हैं। इसके अलावा, प्रगतिशील नीतियां और निवेश अनुकूल माहौल व्यापार के विकास और निवेश के अवसर पैदा करता है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल, विभाग, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता, प्रमुख सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा, प्रमुख सचिव खनिज एवं पेट्रोलियम टी. रविकांत, प्रमुख सचिव शहरी विकास एवं आवासन डॉ. देबाशीष पृष्टि, कमिश्नर, ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टमेंट, इंडस्ट्रीज़, कॉमर्स और सीएसआर सुरेश कुमार ओला और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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