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जयपुर | जयपुर के बहुचर्चित ऑडी हादसे में अब सिर्फ मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि उसे भगाने में मदद करने वाले लोग भी कानून के शिकंजे में फंस गए हैं। पुलिस का दावा है कि राजस्थान में यह पहली बार हुआ है, जब किसी गंभीर सड़क हादसे के आरोपी को बचाने वालों पर नामजद FIR दर्ज की गई है। लग्जरी ऑडी कार (नंबर DD02G5709) से 16 लोगों को कुचलने का आरोपी दिनेश रणवा अब भी फरार है, लेकिन उसकी मदद करने वाले पांच लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। हादसे के बाद पत्नी से कहा—तुम भी गांव भाग जाओ
पुलिस जांच में सामने आया है कि 9 जनवरी को दिनभर पार्टी करने के दौरान दिनेश रणवा ने भारी मात्रा में शराब पी थी। रात करीब 9:21 बजे मानसरोवर के खरबास सर्किल पर भीषण एक्सीडेंट के बाद वह सीधे अपने घर पहुंचा। वहां से उसने 2 लाख रुपए नकद जेब में रखे और पत्नी से कहा— तुम भी गांव भाग जाओ, मामला सैटल होने के बाद मैं भी वहीं आ जाऊंगा।
इसके बाद दिनेश पत्रकार कॉलोनी स्थित अपने फ्लैट पर गया और फोन कर दोस्तों को बुलाया।
दोस्त के घर रात गुजारी, सुबह अखबार देखकर उड़े होश
दिनेश ने सबसे पहले हादसे की जानकारी अपने बचपन के दोस्त नितिन को दी। नितिन मौके के लिए रवाना हुआ, लेकिन तब तक दिनेश वहां से जा चुका था। नितिन जब उसके घर पहुंचा तो पत्नी ने बताया कि वह फ्लैट पर है। फ्लैट पहुंचने पर नितिन ने देखा कि दिनेश नशे की हालत में बेसुध पड़ा था।
नितिन ने अपने दोस्त सुमित को बुलाया। दोनों इतने घबरा गए कि कार चलाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इसके बाद सुमित ने डॉ. अशोक मीणा को फोन किया। तीनों ने मिलकर दिनेश को कार में डाला और उसे फ्लैट के सेलर भागचंद चौधरी के घर ले गए। भागचंद ने दिनेश की हालत देखकर उसे अपने घर में ही सुला दिया।
अगली सुबह जब दिनेश ने अखबारों में हादसे की खबर पढ़ी तो उसके होश उड़ गए। इसके बाद भागचंद और नितिन ने उसे तुरंत फरार होने की सलाह दी।
रास्ते में मौका मिला और फरार हो गया
भागचंद का भाई शिवराज दिनेश को लेकर गौनेर की ओर रवाना हुआ। रास्ते में जब शिवराज गुटखा लेने कार से उतरा, तभी दिनेश मौका पाकर कार छोड़कर फरार हो गया। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला।
हादसे के वक्त 120 किमी प्रति घंटा थी रफ्तार
पुलिस का दावा है कि हादसे के समय ऑडी कार की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा थी। कार की इलेक्ट्रॉनिक चिप (ब्लैक बॉक्स) से स्पीड, ब्रेकिंग और ड्राइविंग पैटर्न से जुड़े कई अहम सबूत मिलने की उम्मीद है।
आरोपी को भगाने वालों पर शिकंजा
जांच कर रहे पत्रकार कॉलोनी थानाधिकारी मदन कड़वासरा के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद दिनेश और उसका साथी मांगीलाल मौके पर कार छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए एक-एक कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी को हादसे और अपराध की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद वे लगातार दिनेश को बचाने में जुटे रहे।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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