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नाथद्वारा के 40 विद्यालयों में प्रगति लैब एवं 60 विद्यालयों में स्टीम लैब होगी स्थापित
By Lokjeewan Daily - 15-07-2026

राजसमंद लोकजीवन। सांसद  महिमा कुमारी एवं नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह की संयुक्त पहल पर जिले के सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल का शुभारंभ हुआ प्रज्ञानम्टेक्नोफेस्ट-2026 के माध्यम से प्रगति एवं स्टीम पहल के शुभारंभ समारोह में विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, आईआईएम उदयपुर के संस्थापक निदेशक प्रो. जनत शाह, नवगुरुकुल की डायरेक्टर पार्टनरशिप्स स्वरा पंड्या तथा अमेजऩ फ्यूचर इंजीनियर इंडिया के प्रतीक अग्रवाल, एसडीएम भागीरथ सिंह, कोषाधिकारी विशाल अग्रवाल सहित शिक्षा, उद्योग एवं नवाचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की उपस्थिति रही। यह अभिनव पहल फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एक्शन तथा रेस्पायर एक्सपेरियेन्शिअल लर्निंग के सहयोग से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में ऐसा शिक्षण वातावरण विकसित करना है, जहां विद्यार्थी केवल परीक्षा केंद्रित शिक्षा तक सीमित न रहकर जीवन, करियर एवं समाज की वास्तविक चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बन सकें। यह पहल केवल तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 21वीं सदी के कौशल, नवाचार, वैज्ञानिक सोच एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने की व्यापक दृष्टि का परिचायक है।
राज्य में अपनी तरह की पहली अभिनव पहल
कोषाधिकारी विशाल अग्रवाल ने बताया कि विधायक श्री मेवाड़ के विशेष प्रयासों से प्रारंभ की गई क्कक्र्रत्र्रञ्जढ्ढ (क्कह्म्शद्दह्म्द्गह्यह्यद्ब1द्ग क्रद्गह्यशह्वह्म्ष्द्ग द्घशह्म् ्रस्र1ड्डठ्ठष्द्गस्र त्रह्म्श2ह्लद्ध ड्डठ्ठस्र ञ्जह्म्ड्डठ्ठह्यद्घशह्म्द्वड्डह्लद्ब1द्ग ढ्ढठ्ठठ्ठश1ड्डह्लद्बशठ्ठ) पहल राजस्थान में अपनी तरह की पहली अभिनव शैक्षणिक पहल है।  इसके अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में अत्याधुनिक आईसीटी लैब स्थापित की जाएंगी तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं 21वीं सदी के कौशलों पर आधारित वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता, नवाचार क्षमता, नेतृत्व कौशल तथा समस्या समाधान की क्षमता का विकास करना है। यह कार्यक्रम कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है, जिसमें कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, एआई, सोशल-इमोशनल लर्निंग तथा एंटरप्रेन्योर माइंडसेट जैसे विषयों को कहानी आधारित, जिज्ञासा प्रेरित एवं सहभागिता पूर्ण शिक्षण पद्धति के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक चिंतन, नवाचार क्षमता, सहयोगात्मक कार्य संस्कृति तथा नेतृत्व कौशल विकसित करना है। अग्रवाल ने बताया कि इस दूरदर्शी पहल के अंतर्गत नाथद्वारा के खमनोर एवं देलवाड़ा के 40 राजकीय विद्यालयों में प्रगति लैब तथा जिले के 60 विद्यालयों में अत्याधुनिक स्टीम लैब स्थापित की गई हैं। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला एवं गणित आधारित व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा। साथ ही रोबोटिक्स, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, वर्चुअल रियलिटी एवं 3डी प्रिंटिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सीखने का अवसर मिलेगा।

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