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राजसमन्द: नामांकन का अंतिम दिन: भाजपा-कांग्रेस ने नहीं खोले पत्ते, भाजपा ने 35 सीटिंग पार्षदों के नाम काटे
By Lokjeewan Daily - 31-08-2026

राजसमंद लोकजीवन। नगर परिषद चुनाव 2026 में भाजपा और कांग्रेस की ओर से पार्षद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी नहीं किए जाने से राजनीतिक हलकों के साथ ही शहरवासियों में भी जबरदस्त सस्पेंस बना हुआ है। नामांकन की अंतिम तारीख तक दोनों प्रमुख दलों ने अपने प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए। इसके चलते दावेदारों और उनके समर्थकों में असमंजस की स्थिति बनी रही। रविवार रात तक संभावित प्रत्याशी एक-दूसरे को फोन कर पार्टी की ओर से मिले संकेतों की जानकारी लेते रहे। कई दावेदारों को पार्टी पदाधिकारियों की ओर से फोन पर ही नामांकन दाखिल करने की सूचना दे दी गई, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो।दरअसल, भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के सामने टिकट वितरण के बाद संभावित बगावत और भीतरघात की चुनौती बनी हुई है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने अंतिम समय तक प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक करने से दूरी बनाए रखी। माना जा रहा है कि दोनों दलों ने टिकट के दावेदारों और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अंतिम क्षण तक नामों पर मंथन किया।
अंतिम दिन दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवारों का जमावड़ा
नामांकन की अंतिम तारीख सोमवार होने के कारण सुबह से ही रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रत्याशियों और समर्थकों की भीड़ जुटने लगी। पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशियों को नामांकन के लिए संकेत मिलने के बाद समर्थक भी अपने-अपने प्रत्याशियों के साथ कार्यालय पहुंचने लगे। इससे रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के बाहर मेले जैसा माहौल नजर आया। टिकट की घोषणा से पहले ही कई संभावित प्रत्याशी नामांकन की तैयारी पूरी कर कार्यालय पहुंच गए। वहीं, पार्टी की अंतिम सूची का इंतजार कर रहे दावेदारों की नजरें लगातार पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों के फोन पर टिकी रहीं। अब नामांकन दाखिल होने के बाद दोनों दलों में टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों की अगली रणनीति पर भी नजर रहेगी। टिकट वितरण के बाद बगावत, निर्दलीय नामांकन और भीतरघात की स्थिति किस हद तक बनती है, इसका असर नगर परिषद चुनाव के समीकरणों पर पड़ सकता है।
भाजपा के वार्ड 35 और 18 के सीटिंग पार्षदों के नाम कटने से शहर में चर्चा
नगर परिषद चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद वार्ड 35 और 18 को लेकर शहर में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। दोनों वार्डों के वर्तमान बोर्ड के सीटिंग पार्षदों—वार्ड 35 से आशीष पालीवाल और वार्ड 18 से पूर्व प्रतिपक्ष नेता हिम्मत कुमावत—के नाम टिकट की दौड़ से बाहर होने से समर्थकों में मायूसी देखने को मिल रही है। पिछले करीब आठ दिनों से दोनों वार्डों में संभावित प्रत्याशियों को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। समर्थकों को उम्मीद थी कि पार्टी अपने वर्तमान पार्षदों पर एक बार फिर भरोसा जता सकती है, लेकिन अंतिम समय में दोनों के नाम कटने से राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।खास बात यह है कि दोनों ही नेता वर्तमान नगर परिषद बोर्ड में पार्षद रहे हैं और हिम्मत कुमावत पूर्व में प्रतिपक्ष नेता की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में टिकट नहीं मिलने को लेकर शहर के राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अब भाजपा ने इन दोनों वार्डों में किन चेहरों पर भरोसा जताया है और नए प्रत्याशियों को लेकर कार्यकर्ताओं व मतदाताओं की क्या प्रतिक्रिया रहती है, यह चुनावी मुकाबले में महत्वपूर्ण रहेगा।

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