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राजसमंद लोकजीवन । राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर हल्दीघाटी एवं रक्त तलाई के संरक्षण को लेकर दिए गए निर्देशों की अनुपालना में गुरुवार को जिला प्रशासन द्वारा दोनों स्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा एवं पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण दल में अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा, उप वन संरक्षक आर एन भाकर, उपखंड अधिकारी रक्षा पारीक, विकास अधिकारी, डीएलआर, पुलिस, एएसआई, आरपीसीबी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने रक्त तलाई एवं हल्दीघाटी क्षेत्र में व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, संरचनात्मक स्थिति एवं सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने रक्ततलाई क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर गहन सफाई कराने, नियमित कचरा निस्तारण के लिए पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाने तथा जल निकासी की स्थायी और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रक्त तलाई की भूमि पर स्थित अनुपयोगी एवं जर्जर सरकारी भवनों को ध्वस्त करने, क्षेत्र में हर समय केयरटेकर की नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता के अनुसार फेंसिंग और रेलिंग लगाने के निर्देश भी दिए गए। पर्यटकों की सुविधा एवं यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने पर भी जोर दिया गया। जिला कलक्टर ने उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी, तहसीलदार और थानाधिकारी को यह भी स्पष्ट निर्देश दिए की गाँव के भीतर से रक्त्तालाई जाने वाले मार्ग पर दुकानदारों द्वारा अवैध अतिक्रमण को भी हटाया जाए। अगर कोई दुकानदार समझाने कए बाद भी स?क पर अपना सामान रखता है तो उसे जब्त किया जाए, साथ ही स?क को नो पार्किंग जॉन डिक्लेयर किया जाए। इसी क्रम में हल्दीघाटी क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए जिला कलक्टर ने सडक़ किनारे सुरक्षा की दृष्टि से रेलिंग लगाने, स्वच्छता बनाए रखने के लिए डस्टबिन स्थापित करने, सुरक्षा कर्मियों की स्थायी तैनाती सुनिश्चित करने तथा पर्यटकों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मार्गदर्शन एवं जागरूकता के लिए साइन बोर्ड लगाने और पार्किंग जोन चिन्हित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के आदेशों की पूर्ण, प्रभावी एवं समयबद्ध अनुपालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी एवं रक्त तलाई न केवल ऐतिहासिक धरोहर हैं, बल्कि जनभावनाओं से जुड़े स्थल भी हैं, जिनका संरक्षण एवं सुव्यवस्थित विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी तथा न्यायालय में अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। गौरतलब है कि हाल ही में समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पर स्वत: संज्ञान लेते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने हल्दीघाटी एवं रक्त तलाई की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। न्यायालय ने रक्त्ततलाई पर खरपतवार की अधिकता, शराब की खाली बोतलें, क्षतिग्रस्त पाथवे, तालाब की दुर्दशा, सीवरेज का पानी पहुंचने जैसी समस्याओं को गंभीर मानते हुए कुल 16 विभागों को पक्षकार बनाया था तथा समस्त बिंदुओं पर अनुपालना रिपोर्ट के साथ शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी तरह हल्दीघाटी के स्वरुप को लेकर भी चिंता व्यक्त की थी।