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ईरान की करेंसी अब तक के सबसे न‍िचले स्‍तर पर पहुंची
By Lokjeewan Daily - 25-08-2026

ईरान की मुद्रा रियाल खुले बाजार में अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह गिरावट अमेरिका की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों की घोषणा से कुछ घंटे पहले दर्ज की गई। सोमवार (स्थानीय समयानुसार) बाजार खुलने पर एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत 2.02 मिलियन तक गिर गई। वहीं, ईरान के केंद्रीय बैंक की ओर से तय आधिकारिक विनिमय दर लगभग 1.5 मिलियन रियाल प्रति डॉलर थी। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए संयुक्त हमलों से पहले ही ईरानी मुद्रा दबाव में थी। इसके बाद लगभग छह महीने से जारी संघर्ष ने देश की अर्थव्यवस्था पर और अधिक बोझ डाला है, जिससे रियाल लगातार नए निचले स्तर पर पहुंचता जा रहा है।
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को ईरान के लिए 'आर्थिक डी-डे' की चेतावनी दी। उन्होंने दुनिया भर में ईरान के वित्तीय संबंधों को निशाना बनाने वाले कदमों को 'ईरान के खिलाफ आर्थिक हमला' बताया।
ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अनुसार, नए प्रतिबंध पांच प्रमुख क्षेत्रों डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग को निशाना बनाते हैं।
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने कहा कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपना रवैया और नीति बदलनी चाहिए।
उन्होंने सोमवार को तेहरान में कहा क‍ि अमेरिका का दबाव और धमकाने वाली रणनीति पर भरोसा केवल मामलों को और जटिल बनाएगा। पेजेश्‍क‍ियन ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए और ऐसा ईरान के वैध अधिकारों तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) में तय लक्ष्यों को दोनों पक्षों की निरंतर इच्छा और सहयोग के जरिए हासिल किया जा सकेगा।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को कहा कि ईरान युद्ध का अंत उन शर्तों पर नहीं होने देगा जो उसके अनुसार 'आक्रामक पक्ष' तय करें।
तेहरान में आयोजित साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा क‍ि हमने निश्चित रूप से युद्ध की शुरुआत नहीं की है, लेकिन हम यह भी नहीं होने देंगे कि युद्ध का अंत आक्रामक पक्षों की शर्तों पर हो।
बाघेई ने कहा कि ईरान अपनी सीमाओं और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ईरान न तो 'आक्रामक पक्षों' के साथ समझौता करेगा और न ही उनकी 'अत्यधिक मांगों' के आगे झुकेगा।
उन्होंने अमेरिका के उन दावों को भी खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि होर्मुज स्‍ट्रेट खुला हुआ है और वहां से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजर रहा है।

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