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ईरान ने रखा छठे दिन होर्मुज खोलने और सातवें दिन अमेरिका से बातचीत का प्रस्ताव
By Lokjeewan Daily - 28-09-2026

वॉशिंगटन । ईरान ने सात दिवसीय प्रस्तावित योजना के छठे दिन हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और सातवें दिन अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता बहाल करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, वॉशिंगटन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया क्योंकि ईरान ने शुरुआत में ही प्रतिबंधों से राहत देने और अपनी फ्रीज (जब्त) की गई संपत्तियों तक पहुंच बहाल करने की शर्त रखी थी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर अमेरिका संघर्ष खत्म करता है, अपनी नाकेबंदी हटाता है, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियां जारी करता है और उसे तेल बेचने की इजाजत देता है, तो तेहरान इस बेहद अहम समुद्री रास्ते को खोल देगा। अराघची ने रविवार को एनबीसी के 'मीट द प्रेस' कार्यक्रम में कहा, "हमारा प्रस्ताव बिल्कुल साफ है। अगर अमेरिका कुछ जरूरी कदम उठाता है, तो हम होर्मुज स्‍ट्रेट खोलने के लिए तैयार हैं।"
उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारा पैसा और हमारी संपत्तियां, जिन्हें गैरकानूनी तरीके से फ्रीज किया गया है, जारी की जाएं। हम अपना तेल बेचने की इजाजत भी चाहते हैं।"
अराघची के मुताबिक, ईरान जिन कदमों की मांग कर रहा है, उन्हें चार या पांच दिनों में पूरा किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, "अगर वे सच में होर्मुज स्‍ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए समझौता करना चाहते हैं, तो अब इसका मौका मौजूद है। हमने सात दिन का यह प्लान दिया है।"
उन्होंने कहा कि छठे दिन होर्मुज स्‍ट्रेट खोल दिया जाएगा और सातवें दिन एक बड़े समझौते के लिए बातचीत शुरू होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वह ईरान के इस प्रस्ताव को खारिज कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा क‍ि वे ऐसा समझौता करना चाहते हैं जिसमें जलडमरूमध्य तुरंत खोल दिया जाए, क्योंकि वे बुरी तरह हार रहे हैं। लेकिन हम बहुत बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं। होर्मुज स्‍ट्रेट पर हमारा पूरा नियंत्रण है।"
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि ईरान के प्रस्ताव में असली बातचीत शुरू होने से पहले ही वॉशिंगटन से कई बड़ी रियायतों की मांग की गई थी।
उन्होंने सीएनएन के स्टेट ऑफ द यूनियन कार्यक्रम में कहा क‍ि वे शुरुआत में ही सब कुछ मांग रहे थे। वॉल्ट्ज ने कहा कि ईरान चाहता था कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों में राहत मिले और अरबों डॉलर की फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों तक उसकी पहुंच बहाल हो।
उन्होंने कहा क‍ि सीधी बात यह है कि वे शुरुआत में ही सब कुछ मांग रहे थे और बदले में सिर्फ यह वादा कर रहे थे कि उसके बाद वे बातचीत करेंगे। वॉल्ट्ज ने ईरान पर अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमला करके पहले हुए समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
हालांकि, तेहरान इस अमेरिकी दावे को खारिज करता है और उसका कहना है कि पहले हुए समझौतों का उल्लंघन वॉशिंगटन ने किया था।
वॉल्ट्ज ने कहा क‍ि राष्ट्रपति को भरोसा नहीं है कि ईरान सही नीयत से बातचीत के लिए आ रहा है और हम वास्तव में उसके परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए बातचीत कर पाएंगे।
वहीं, अराघची ने कहा कि ट्रंप की ओर से सार्वजनिक रूप से प्रस्ताव खारिज किए जाने के बावजूद ईरान अभी भी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि‍ हम कूटनीति के लिए तैयार हैं। अब बातचीत की मेज पर एक बहुत ही उचित योजना मौजूद है। अगर वे बिना किसी वजह के इसे खारिज करते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी उनकी होगी।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अलग से सीबीएस के 'फेस द नेशन' कार्यक्रम में कहा कि तेहरान पहले के एमओयू पर आधारित व्यवस्था के तहत अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। पेजेश्कियन ने कहा क‍ि हम जो भी वादा करेंगे, जाहिर तौर पर उसका पालन करेंगे।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर कुछ सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण को लेकर बातचीत कर सकता है। हालांकि, उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमला करने का आरोप लगाया।

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