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अमेरिकी सेना का दावा-ईरान की सैन्य ताकत 90 प्रतिशत तक कमजोर
By Lokjeewan Daily - 15-05-2026

वाशिंगटन। अमेरिका सेना ने सीनेट में एक सुनवाई के दौरान ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का बचाव किया है। ट्रंप प्रशासन ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी सीनेट में सुनवाई का सामना करना पड़ रहा है। कई सांसदों ने बढ़ते आर्थिक और क्षेत्रीय जोखिमों को लेकर चिंता जताई है। इसी बीच, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दावा किया कि तेहरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया गया है। सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के सामने पेश होते हुए एडमिरल चार्ल्स कूपर-द्वितीय ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में सैन्य शक्ति दिखाने की ईरान की क्षमता को सफलतापूर्वक कमजोर कर दिया है। एडमिरल चार्ल्स कूपर-द्वितीय ने सांसदों से कहा, "40 दिनों से भी कम समय में सेंटकॉम बलों ने हमारे सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया। हमने ईरान की अपनी सीमाओं के बाहर शक्ति दिखाने और क्षेत्र व हमारे हितों को खतरे में डालने की क्षमता को कम कर दिया है।"
कूपर ने कहा कि ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक औद्योगिक संरचना लगभग 90 प्रतिशत तक नष्ट हो चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि तेहरान की नौसेना शायद एक पीढ़ी तक अपनी पुरानी ताकत हासिल नहीं कर पाएगी।
कूपर ने अपनी गवाही के दौरान कहा, "ईरानी शासन ने क्षेत्र में आतंक फैलाया है और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति शत्रुता को अपने शासन का एक मुख्य सिद्धांत बना लिया है।"
इसी बीच, रिपब्लिकन सांसदों ने प्रशासन के सैन्य अभियान का जोरदार समर्थन किया। सीनेटर रोजर विकर ने कहा कि ईरान दशकों से आतंकवाद का समर्थन करता रहा है, अमेरिकी हितों पर हमला करता रहा है और परमाणु व बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं का विकास करता रहा है।
सीनेटर टॉम कॉटन ने तर्क दिया कि ईरान अब ऑपरेशन शुरू होने से पहले की तुलना में काफी कम खतरा है। इस पर एडमिरल कूपर सहमत हुए और कहा कि तेहरान अब उस तरह के बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले नहीं कर सकता, जैसे हाल के वर्षों में देखे गए थे।
हालांकि, डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप प्रशासन की रणनीति और इस संघर्ष के दीर्घकालिक परिणामों पर लगातार सवाल उठाए। सीनेटर जैक रीड ने कहा कि ईरानी परमाणु मुद्दे का कोई विशुद्ध रूप से सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की जीत के लिए विश्वसनीय रणनीति न होने की आलोचना की।
सीनेटर टिम केन ने प्रशासन पर कूटनीति छोड़ने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने मध्य पूर्व में एक और लंबे संघर्ष के खिलाफ चेतावनी दी। केन ने कहा, "अगर आप कूटनीति को असंभव बना देते हैं, तो आप युद्ध को अनिवार्य बना देंगे।"
सुनवाई के दौरान कई सांसदों ने होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने और उसके वैश्विक व्यापार व तेल कीमतों पर असर का मुद्दा उठाया। सांसदों ने चेतावनी दी कि इस रणनीतिक जलमार्ग में व्यवधान पहले ही अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ा रहा है।
कूपर ने स्वीकार किया कि ईरान के पास अब भी शिपिंग और बुनियादी ढांचे को खतरा पहुंचाने की क्षमता मौजूद है, हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि उन क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया गया है।

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