
It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.
Please update to continue or install another browser.
Update Google Chromeब्रेकिंग न्यूज़
जयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका उनके बेटे रोहित जोशी ने दायर की गई थी, जिसमें जल जीवन मिशन से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले में उनके पिता की गिरफ्तारी को अवैध बताया गया था। राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो और विशेष न्यायाधीश की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की और कई प्रक्रियात्मक खामियों को उजागर किया। मुख्य न्यायाधीश उमाशंकर व्यास और जस्टिस अशोक कुमार जैन की पीठ ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के आधार को लिखित रूप में बताना एक संवैधानिक अनिवार्यता है, लेकिन इस मामले में इसका सही तरीके से पालन नहीं किया गया।
अदालत ने पाया कि एसीबी यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेज रिकॉर्ड पर पेश नहीं कर सकी कि महेश जोशी को गिरफ्तारी के वास्तविक आधार लिखित रूप में बताए गए थे। केवल कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया, जबकि गिरफ्तारी के आधार और गिरफ्तारी के कारण अलग-अलग कानूनी अवधारणाएं हैं।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि एसीबी के जवाबों में विरोधाभास पाया गया। पहले एजेंसी ने दावा किया कि गिरफ्तारी के आधार बताए गए थे, जबकि बाद में कहा गया कि यह जानकारी परिवार को दी गई थी। अदालत ने टिप्पणी की कि प्रस्तुत किए गए अतिरिक्त तथ्य प्रथमदृष्टया “मनगढ़ंत” प्रतीत होते हैं।
हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश की कार्यवाही पर भी आपत्ति जताई। अदालत ने कहा कि 7 मई को ही रिमांड कार्यवाही के दौरान गिरफ्तारी की वैधता पर आपत्ति उठाई गई थी, लेकिन इस पर तुरंत निर्णय लेने के बजाय आवेदन को लगभग 31 दिनों तक लंबित रखा गया, जो गंभीर लापरवाही है।
हालांकि हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि महेश जोशी न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के माध्यम से उनकी गिरफ्तारी की वैधता की जांच नहीं की जा सकती। इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई।
अदालत ने कहा कि पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों और संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी से जुड़े अधिकारों पर उचित प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही आदेश की प्रति मुख्य न्यायाधीश और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजने का निर्देश भी दिया गया, ताकि आगे आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
राजस्थान में प्री-मानसून का दौर : 29 जिलों में आज आंधी-बारिश का अ . . .
2026-06-18 13:15:29
जल जीवन मिशन घोटाला: महेश जोशी की गिरफ्तारी पर याचिका खारिज . . .
2026-06-18 13:10:27
छात्रों की गूंज' अभियान के जरिए राहुल गांधी ने छात्रों से मांगे स . . .
2026-06-18 13:08:40
पदक प्राप्त 50 खिलाड़ियों को मिलेगी कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्ति . . .
2026-06-18 13:14:05
योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं - उप मुख्यमंत्रीडॉ. प्रे . . .
2026-06-18 13:12:34
एटीएम-कार्ड ठगी गिरोह का इनामी बदमाश गिरफ्तार . . .
2026-06-17 13:10:53