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जयपुर में CBI का बड़ा एक्शन, चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय गोयल गिरफ्तार
By Lokjeewan Daily - 12-01-2026

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल ITAT के भीतर चल रहे 'अपील सेटलिंग' नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। जांच के नए चरण में, CBI ने जयपुर के प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विजय कुमार गोयल को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस सिंडिकेट का पर्दाफाश करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों को रसूख और रिश्वत के दम पर पक्ष में करवाने का काम कर रहा था। रिमांड पर CA: राज उगलवा रही CBI CBI की टीम ने 7 जनवरी 2026 को विजय गोयल को हिरासत में लिया था, जिसके बाद 8 जनवरी को उन्हें विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की जरूरत को देखते हुए उन्हें 12 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। आज, रिमांड अवधि समाप्त होने पर उन्हें दोबारा स्पेशल जज (CBI केसेस), जयपुर की अदालत में पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, कस्टडी के दौरान हुई पूछताछ में CBI के हाथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य लगे हैं, जो इस भ्रष्टाचार के जाल में फंसे अन्य सफेदपोशों के चेहरों को बेनकाब कर सकते हैं।
जानिए, क्या है पूरा मामला?
इस पूरे खेल की शुरुआत पिछले साल 25 नवंबर 2025 को हुई थी, जब CBI ने एडवोकेट राजेंद्र सिसोदिया और ITAT जयपुर के तत्कालीन असिस्टेंट रजिस्ट्रार सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह नेटवर्क आयकर से जुड़े जटिल मामलों को रिश्वत के बदले करदाताओं के पक्ष में सेटल करने का एक संगठित सिंडिकेट चला रहा था।
जांच के घेरे में 'सिस्टम' के रसूखदारः इस मामले में CA विजय गोयल की गिरफ्तारी ने पेशेवर हलकों में हड़कंप मचा दिया है। CBI अब इस बात की तह तक जा रही है कि क्या इस नेटवर्क के तार ट्रिब्यूनल के उच्च अधिकारियों या दिल्ली स्थित मुख्यालयों तक भी जुड़े थे। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि आखिर कैसे करोड़ों रुपये के टैक्स विवादों को फाइलों के हेरफेर और प्रभाव के जरिए रफा-दफा किया जा रहा था।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, जयपुर के कानूनी और वित्तीय गलियारों में सन्नाटा पसरा है। यह स्पष्ट है कि विजय गोयल की गिरफ्तारी महज अंत नहीं, बल्कि एक बड़ी सफाई प्रक्रिया की शुरुआत है। आगामी पेशी के दौरान CBI कोर्ट से आगे की कार्रवाई के लिए अनुमति मांग सकती है, जिससे इस भ्रष्टाचार कांड में और भी कई बड़े नामों के उछलने की संभावना है।

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