It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.

Please update to continue or install another browser.

Update Google Chrome

राजस्थान ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल क्रांति : अब AI और डेटा संभालेंगे बिजली का प्रबंधन
By Lokjeewan Daily - 11-02-2026

जयपुर। राजस्थान अब अपनी ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली को "एक्सेल शीट" के दौर से निकालकर आधुनिक AI-सक्षम (AI-enabled) और पारदर्शी तंत्र में बदलने जा रहा है। सरकार ने 'एकीकृत ऊर्जा पोर्टफोलियो प्रबंधन समाधान' के लिए RFP (Request for Proposal) जारी कर दिया है। यह पहल राजस्थान को देश के सबसे प्रगतिशील राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर देगी।  वर्तमान में राजस्थान का ऊर्जा प्रबंधन काफी हद तक मैन्युअल और एक्सेल शीट पर आधारित है। नए सिस्टम के आने से:
सटीकता : ब्लॉक-लेवल पर बिजली की मांग का सटीक पूर्वानुमान (Forecasting) लग सकेगा।
लागत में कमी : सबसे कम लागत वाले बिजली स्रोतों (Conventional + RE) का चयन कर खरीद लागत (Procurement Cost) को कम किया जाएगा।
पारदर्शिता : डेटा-संचालित निर्णय लेने से सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और मानवीय त्रुटियों की गुंजाइश कम होगी।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग : बिजली की कमी या सरप्लस की स्थिति में तुरंत और सटीक निर्णय लिए जा सकेंगे।
कार्य का मुख्य दायरा : RFP के अनुसार, चुनी गई एजेंसी को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर काम करना होगा।
AI/ML आधारित पूर्वानुमान : इंट्रा-डे से लेकर लंबी अवधि तक की बिजली मांग और अक्षय ऊर्जा (RE) का सटीक आकलन।
24×7 मार्केट सपोर्ट : पावर एक्सचेंज (DAM/RTM/TAM) पर बिडिंग स्ट्रेटेजी और लाइव मॉनिटरिंग।
DSM मॉनिटरिंग : रियल-टाइम में विचलन (Deviation) का विश्लेषण और अलर्ट सिस्टम ताकि जुर्माना कम लगे।
क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर : डेटा की सुरक्षा के लिए MeitY-पैनलबद्ध और CERT-In द्वारा प्रमाणित क्लाउड सेटअप।
एकीकृत डैशबोर्ड : अधिकारियों के लिए एक ही स्थान पर सभी डेटा (SCADA, मौसम, बाजार भाव, अनुबंध) की उपलब्धता।
राजस्थान के लिए क्यों है जरूरी?
राजस्थान सोलर और विंड एनर्जी का सबसे बड़ा हब बनता जा रहा है। अक्षय ऊर्जा की अनिश्चितता (Variability) को मैनेज करने के लिए ऐसे AI आधारित स्मार्ट सिस्टम की सख्त जरूरत है। इससे न केवल डिस्कॉम (Discoms) का घाटा कम होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी अधिक स्थिर और सस्ती बिजली मिलने की संभावना बढ़ेगी।

अन्य सम्बंधित खबरे