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राजस्थान में मौसम का यू-टर्न : वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से 30 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट
By Lokjeewan Daily - 30-05-2026

जयपुर। राजस्थान में नौतपा के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सक्रिय हुए एक बेहद मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन अंधड़ और ओलावृष्टि ने भारी तबाही भी मचाई है। उदयपुर में अलसुबह से सात बजे तक कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हुई। मौसम केंद्र जयपुर ने शनिवार को प्रदेश के 30 जिलों में आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। मौसम के इस बदले मिजाज के बीच उत्तर-पूर्वी जिलों में अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। हालांकि, इस अंधड़ के कारण दौसा जिले में हुए हादसों में एक महिला सहित दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
मलसीसर में रिकॉर्ड 2 इंच बारिश, जयपुर में ओलावृष्टि
शुक्रवार दोपहर बाद से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूल भरी आंधी और बादलों की गर्जना शुरू हो गई थी, जो देर रात तक रुक-रुक कर जारी रही:
झुंझुनूं में सर्वाधिक वर्षा: राज्य में सबसे ज्यादा बरसात झुंझुनूं जिले के मलसीसर में दर्ज की गई, जहां 43 मिमी (करीब 2 इंच) पानी बरसा।
तापमान में भारी गिरावट: आंधी और ओलावृष्टि के कारण चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, अलवर, जयपुर, भरतपुर और करौली में पारा तेजी से नीचे आया। अलवर में दिन का तापमान 9.8 डिग्री लुढ़क कर 36.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
राजधानी में अंधड़ का तांडव: जयपुर में शुक्रवार शाम करीब एक घंटे तक धूल भरी तेज आंधी चली। इसके बाद रात 8 बजे दोबारा मौसम बदला और शहर के कई हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ ओले गिरे।
दौसा में भारी नुकसान: टावर गिरने से पलटी स्कॉर्पियो
अंधड़ और तूफान का सबसे खतरनाक रूप दौसा जिले में देखने को मिला। लालसोट-दौसा बाईपास पर आंधी के तीव्र वेग के कारण 220 केवी हाईटेंशन लाइन का एक विशाल टावर उखड़कर सड़क पर गिर गया। इस दौरान वहां से गुजर रही एक स्कॉर्पियो कार तारों के जाल में उलझकर अनियंत्रित हुई और पलट गई। जिले में पेड़ और मलबे की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई। वहीं बीकानेर के अरजनसर सहित पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में आसमान में धूल का गुबार छा जाने से विजिबिलिटी काफी कम हो गई।
मौसम विभाग का बड़ा अपडेट: इस साल राजस्थान में कमजोर रह सकता है मानसूनराहत की इस बौछार के बीच मौसम विभाग (IMD) दिल्ली ने देश और राज्य के लिए मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है, जो राजस्थान के किसानों और आमजन के लिए चिंता बढ़ाने वाला है।
अल नीनो (El Nino) बनेगा विलेन: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल राजस्थान में मानसून का सीजन कमजोर रह सकता है। इसके पीछे मुख्य वजह प्रशांत महासागर में 'अल नीनो' का सक्रिय होना है। जून महीने से ही अल नीनो का असर दिखने लगेगा, जिसके जुलाई और अगस्त (मानसून के मुख्य महीनों) में भी कमजोर से मध्यम स्तर तक बने रहने की आशंका है।
आईओडी (IOD) भी न्यूट्रल: हिंद महासागर में 'इंडियन ओशन डायपोल' की स्थिति भी इस बार न्यूट्रल (तटस्थ) रहने की संभावना है, जो आमतौर पर मानसून को मजबूती देने में नाकाम रहता है।
विशेष सलाह: नौतपा में बच्चों को 'हीट स्ट्रोक' से बचाने के लिए रखें इन बातों का ध्यानभले ही विक्षोभ के कारण अस्थाई राहत मिली हो, लेकिन कई शहरों में तापमान अभी भी 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ऐसे में बच्चों को लू से बचाने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

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