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जयपुर। राजस्थान सरकार एवं रीको के मध्य एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड में संयुक्त शेयरधारिता (ज्वाइंट शेयरहोल्डिंग) के संबंध में 11.06.2026 को शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट निष्पादित किया गया है। इसके उपरांत रीको द्वारा एचआरआरएल को 750 करोड़ रूपये की इक्विटी राशि हस्तांतरित कर दी गई है।
यह रिफाइनरी पचपदरा में स्थापित देश की प्रमुख रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं में से एक है। यह एचपीसीएल एवं राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें एचपीसीएल की 74 प्रतिशत तथा राजस्थान सरकार एवं उसके उपक्रमों की कुल 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
राजस्थान सरकार द्वारा अपनी 26 प्रतिशत समेकित इक्विटी हिस्सेदारी को बनाए रखने के उद्देश्य से रीको को 750 करोड़ रूपये की इक्विटी भागीदारी हेतु अधिकृत किया गया है। इस निवेश के फलस्वरूप रीको, राजस्थान सरकार के साथ संयुक्त रूप से एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड का शेयरधारक बनेगा तथा पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक विकास को नई उंचाईयों पर ले जायेगी।
यह व्यवस्था राज्य सरकार की औद्योगिक एवं पेट्रोकेमिकल अवसंरचना के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगी। रीको की यह भागीदारी राज्य के अब तक के सबसे बड़े औद्योगिक निवेशों में से एक परियोजना में राजस्थान सरकार की दीर्घकालिक इक्विटी प्रतिबद्धता को समर्थन प्रदान करेगी तथा राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन एवं रोजगार सृजन को नई गति एवं दिशा देगी।
इस अवसर पर यह भी उल्लेखनीय है कि एचआरआरएल परियोजना के पूर्ण रूप से संचालित होने पर राजस्थान पेट्रोकेमिकल एवं डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा तथा राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे।
रीको ने इस परियोजना में अंशदान इसलिए किया है क्योंकि रिफाइनरी की लागत बढ़ गई है, जिससे राज्य सरकार का अंशदान भी बढ़ा है। इसलिए रीको ने राज्य सरकार के लिए 750 करोड़ रूपये की इक्विटी की भागीदारी की। इस इक्विटी भागीदारी से रीको को रिफाइनरी परियोजना में shares आवंटित होंगे तथा लाभ में डिविडेंट मिलेगा।
डाउनस्ट्रीम उत्पादों के बेहतर इस्तेमाल के लिए रिफाइनरी के पास ही राजस्थान पेट्रो जोन विकसित किया जा रहा है जिसमें 45 भूखण्ड़ों का आवंटन किया जा चुका है।
रिफाइनरी के आसपास के क्षेत्र में विकास एक इंटीग्रेटेड डवलपमेंट प्लान के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे की विभिन्न आवश्यकताएं जैसे कि रेजिडेंसियल, कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल इत्यादि सुविधाओं की पूर्ति हो सके।
राज्य सरकार की नीति के तहत रीको औद्योगिक क्षेत्रों एवं अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए लगने वाले सीईटीपी के लिए भी रीको 50 प्रतिशत अंशदान देगा।
भारत सरकार की BHAVYA Scheme के तहत जेरला (पचपदरा) में करीब 160 हैक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है और इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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