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एकल पट्टा प्रकरण : पूर्व मंत्री और अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें, एसीबी को मिली 'अग्रिम जांच' की अनुमति
By Lokjeewan Daily - 24-01-2026

जयपुर। राजस्थान के चर्चित 'एकल पट्टा प्रकरण' में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच एक बार फिर पटरी पर लौट आई है। जयपुर स्थित विशेष एसीबी कोर्ट ने ब्यूरो को इस मामले में अग्रिम जांच (Further Investigation) करने की विधिवत अनुमति दे दी है। इस आदेश के बाद पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और तीन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ फाइलों का दोबारा खुलना तय माना जा रहा है।

सरकार बदलते ही बदला रुख उल्लेखनीय है कि पिछली सरकार के दौरान एसीबी ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट (FR) पेश कर शांति धारीवाल सहित तत्कालीन अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी थी। हालांकि, प्रदेश में सत्ता परिवर्तन और भजनलाल शर्मा सरकार के गठन के बाद इस मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा की गई। एसीबी ने ट्रायल कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर नए तथ्यों के आधार पर पुनः जांच की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है।
कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभियोजन वापसी से जुड़े एक पुराने आवेदन को वापस लेने के सरकारी प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2021 में ही इस आवेदन को न्यायालय द्वारा खारिज किया जा चुका है, अतः अब उसे वापस लेने की प्रक्रिया का कोई कानूनी आधार नहीं है।
क्या है यह बहुचर्चित मामला?
यह प्रकरण वर्ष 2011 का है, जब जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा गणपति कंस्ट्रक्शन को नियमों को ताक पर रखकर एक एकल पट्टा जारी किया गया था।
2013: परिवादी रामशरण सिंह की शिकायत पर एसीबी ने एफआईआर दर्ज की।
गिरफ्तारियां: तत्कालीन एसीएस जीएस संधू, निष्काम दिवाकर और ओंकारमल सैनी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
पट्टा निरस्त: विवाद बढ़ने पर मई 2013 में उक्त पट्टे को निरस्त कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद बढ़ी सक्रियता
इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा केस वापसी के फैसले को सही ठहराने के बाद, परिवादी अशोक पाठक ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। 5 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए मामले को गंभीरता से सुनने के निर्देश दिए थे।
अब आगे क्या? ट्रायल कोर्ट से जांच की अनुमति मिलने के बाद एसीबी अब इस मामले में शामिल रहे रसूखदारों की भूमिका की दोबारा पड़ताल करेगी। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में एसीबी इस मामले से जुड़े नए सबूत और गवाहों के बयान दर्ज कर सकती है, जिससे राजस्थान की सियासत में फिर से हलचल मचने की संभावना है।

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