धनतेरस पूजा के लिए 17 मिनट का समय सबसे उत्तम, जानें यम दीपदान का मुहूर्त, मंत्र और विधि
धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी , कुबेर देवता और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। धनतेरस का पर्व इस साल 6 नवंबर को है। धनतेरस के दिन पूजा पाठ करने से घर में सुख, शांति और खुशहाली आती है। धनतेरस पर इस बार कई शुभ योग का संयोग भी बन रहा है। ग्रहों के इस शुभ योग संयोग और शुभ मुहूर्त में धनतेरस की पूजा करें ताकि आपके घर में माता लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धनवंतरी का वास हमेशा रहे।
धनतेरस 2026 शुभ योग
धनतेरस पर इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग, बुद्धादित्य राजयोग, शुक्र बुध का राशि परिवर्तन योग, नीच भंग राजयोग शुक्र बुध के एक दूसरे की राशि में होने से शुक्र कन्या राशि में नीच को होंगे। शुक्र और चंद्रमा की युति से कलानिधि योग बनेगा कन्या राशि में, चंद्रमा के दोनों तरफ यानी द्वादश और द्वितीय भाव में शुभ ग्रह होने से दुरुधरा योग बनेगा। ग्रहों की इस शुभ योग संयोग में धनतेरस की पूजा करने से आपको इस साल दोगुना लाभ मिलने की संभावना है।
धनतेरस पर पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है। धनतेरस पर शाम में शुभ चौघडिया शाम में 5 बजकर 20 मिनट से 5 बजकर 32 मिनट तक पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त रहेगा। यह 17 मिनट का समय धनतेरस की पूजा करने के लिए अति उत्तम फलदायी है।धनतेरस पर पूजा के लिए आपको दो शुभ मुहूर्त मिलेंगे पहला 5 बजे से 5 बजकर 32 मिनट तक शुभ चौघडिया। इसके बाद अशुभ चौघडिया आरंभ हो जाएगा।
धनतेरस 2026 यम दीपदान का मुहूर्त
इसके बाद धनतेरस पूजा के लिए आपको संध्या बेला में दूसरा संयोग शाम में 8 बजकर 48 मिनट के बाद शुभ मुहूर्त मिलेगा। धनतेरस यम दीपदान का शुभ मुहूर्त शाम में 8 बजकर 48 मिनट से 10 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। किसी कारण अगर आप पहली संध्या बेला में पूजा नहीं कर पाते हैं तो आप इस समय धनतेरस की पूजा कर सकते हैं।
धनतेरस यम दीपदान का मंत्र
"मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम॥"
इसके अलावा आप इन मंत्रों का जप भी कर सकते हैं।
ओम यमदेवाय नमः। नमस्कारं समर्पयामि॥
• ओम यमदेवाय नमः। नैवेद्यं निवेदयामि॥
• ओम यमदेवाय नमः। आचमनार्थं जलं समर्पयामि॥
यम दीपदान विधि
एक दीपक लें उसमें चौमुखी बत्तियां लगाएं फिर उसमें घी या तेल डाल लें इसके बाद इन मंत्रों का जप करते हुए इसे घर के बाहर दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके रख दें। दीपक रखने के बाद पीछे मुड़कर न देखें सीधे घर में प्रवेश कर जाएं।
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