मुख्य सामग्री पर जाएं

गुरूवार, 05 नवम्बर 2026

लोकजीवन दैनिक
ई-पेपर
ब्रेकिंग
  • दीपावली पर 3 से 11 नवंबर तक जयपुर मेट्रो ट्रेन के समय एवं फेरो में बढ़ोतरी
  • जयपुर में नकली घी पैक करने वाली फैक्ट्री सीज:अलग-अलग ब्रांड का 35 हजार किलो घी का स्टॉक जब्त
  • नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में मंगलवार सुबह लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए। हादसे में एक भारतीय पर्यटक की मौत , न्यूजीलैंड का एक भारतीय मूल का नागरिक घायल ।
  • चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश से आगे बढ़कर तेलंगाना की ओर चला गया है। हालांकि, इसका एक हिस्सा अब भी आंध्र के तट से गुजर रहा है।
भीलवाड़ा

नौ महीने से मानदेय नहीं मिलने पार्कों की देखरेख करने वाली महिला श्रमिकों का फूटा गुस्स/

- नगर निगम में हाथ जोड़ किया प्रदर्शन - महापौर व अधिकारियों से लगाई गुहार

ल

लोकजीवन संवाददाता

05 नवम्बर 2026, 02:07 PM 3 मिनट में पढ़ें

नौ महीने से मानदेय नहीं मिलने पार्कों की देखरेख करने वाली महिला श्रमिकों का फूटा गुस्स/

 भीलवाड़ा लोकजीवन न्यूज। त्योहारों के इस उल्लास भरे माहौल में जहां हर तरफ दीपों की रोशनी और खुशियों का दौर है, वहीं शहर के विभिन्न वार्डों में नगर निगम के पार्कों की देखरेख और साफ-सफाई का जिम्मा संभालने वाली महिला श्रमिकों के घरों में चूल्हा तक जलना मुश्किल हो गया है। पिछले नौ महीनों से लगातार मेहनत करने के बावजूद मानदेय न मिलने से आहत महिला श्रमिकों ने गुरुवार को नगर निगम पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। हाथ जोडक़र न्याय की गुहार लगाती इन महिलाओं ने पार्षदों और अधिकारियों पर अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। नगर निगम कार्यालय के बाहर एकत्र हुईं महिला श्रमिकों ने बताया कि वे शहर के प्रमुख पार्कों—जैसे गांधी सागर पार्क, जगन्नाथ मंदिर पार्क, तीन नंबर सेक्टर पार्क, खत्री कॉलोनी पार्क, शास्त्री नगर पांच नंबर सेक्टर पार्क, आरके कॉलोनी पार्क और न्यू हाउसिंग बोर्ड पार्क में सुबह-शाम पूरी निष्ठा और मेहनत से पौधों में पानी देने, साफ-सफाई करने और हरियाली बनाए रखने का कार्य करती हैं। लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 9 महीनों से उन्हें पारिश्रमिक के रूप में एक भी रुपया नहीं दिया गया है। श्रमिकों में शामिल सीता राम माली, राधा देवी, मांगी बांट, पुष्पा देवी, ममता, नजमा, सुखी बैरवा, किस्मत मीना, मोहरम देवी और चांदी देवी ने दर्द बयां करते हुए कहा कि वे सुबह से भूखे-प्यासे निगम कार्यालय के चक्कर काट रही हैं, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
ठेकेदार और निगम के बीच पिस रहे गरीब श्रमिक

महिला श्रमिकों का आरोप है कि जब वे अपने बकाया भुगतान के लिए संबंधित ठेकेदार हिमांशुल माथुर व गजेंद्र सिंह आदि  के पास जाती हैं, तो उन्हें आगे का हवाला देकर टरका दिया जाता है। वहीं जब वे नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों के पास फरियाद लेकर पहुंचती हैं, तो उन्हें डांटकर भगा दिया जाता है।
पीडि़त महिलाओं ने रोष जताते हुए कहा कि अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि उन्होंने हमारे घर थोड़ी काम कराया है। ऐसे में गरीब श्रमिक समझ नहीं पा रहे हैं कि वे न्याय के लिए आखिर किसके दर पर जाएं। ठेकेदार का कहना है कि निगम से भुगतान नहीं मिल रहा है, और निगम अधिकारी ठेकेदार पर जिम्मेदारी मढ़ रहे हैं, जिसके चलते इन गरीब परिवारों की दीपावली फीकी पड़ती नजर आ रही है।
महापौर से तत्काल हस्तक्षेप और उग्र आंदोलन की चेतावनी
त्योहार के मुहाने पर खड़े इन परिवारों के सामने अब भुखमरी और कंगाली का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने महापौर और निगम आयुक्त से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा उनका नौ महीने का बकाया मानदेय तुरंत खातों में ट्रांसफर करने की पुरजोर मांग की है। महिला श्रमिकों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके पसीने की एक-एक पाई का भुगतान नहीं किया गया, तो वे मजबूरन पार्कों के बाहर धरना-प्रदर्शन करने और उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होंगी।
 

यह खबर अपने दोस्तों के साथ साझा करें

और भी भीलवाड़ा की खबरें

और देखें