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झोलाछाप के गलत इंजेक्शन ने छीनी सूरज की जिंदगी, मोर्चरी पर प्रदर्शन
By Lokjeewan Daily - 29-09-2026


- पुलिस ने आरोपी को किया डिटेन
- बड़लियास थाना क्षेत्र का मामला
भीलवाड़ा लोकजीवन।  जिले के बड़लियास थाना क्षेत्र में अवैध रूप से सक्रिय झोलाछाप डॉक्टरों के बेलगाम हौसलों ने एक और हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। महज मामूली बुखार के इलाज के नाम पर एक तथाकथित  बंगाली डॉक्टर के लगाए गए गलत इंजेक्शन के कारण 21 वर्षीय युवा सूरज नाथ की दर्दनाक मौत हो गई। इस वारदात के ब जानकारी के अनुसार, बड़लियास निवासी 21 वर्षीय सूरज नाथ पुत्र शिवनाथ योगी को सोमवार शाम हल्का बुखार आया था। परिजन उसे कस्बे में ही स्थित एक झोलाछाप बंगाली डॉक्टर के क्लीनिक पर ले गए, जहां कथित नीम-हकीम ने बिना किसी जांच-परख के उसे एक इंजेक्शन लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगते ही सूरज की तबीयत सुधरने के बजाए तेजी से बिगडऩे लगी और वह अचेत होने लगा। घबराए परिजन उसे तत्काल जिला चिकित्सालय लेकर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में तैनात डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सूरज को मृत घोषित कर दिया।
मोर्चरी के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जवानी की दहलीज पर खड़े युवा बेटे की अचानक हुई इस असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मंगलवार सुबह जैसे ही यह दुखद खबर क्षेत्र में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और स्थानीय लोग जिला चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर एकत्रित हो गए। मृतक के मौसेरे भाई शेरू समेत परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर पर घोर लापरवाही और गलत इंजेक्शन के रिएक्शन का सीधा आरोप लगाते हुए जमकर आक्रोश जताया। मोर्चरी के बाहर मौजूद भीड़ ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया।
आरोपी झोलाछाप हिरासत में, थाने में पूछताछ जारी
घटना की संवेदनशीलता और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए बड़लियास थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। थाना प्रभारी जसवंत सिंह पुलिस जाब्ते के साथ फौरन जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे और उग्र ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बंगाली डॉक्टर को हिरासत (डिटेन) में ले लिया है और उसे थाने ले जाकर गहन पूछताछ की जा रही है। हालांकि, परिजनों के भारी आक्रोश और मांगों के चलते समाचार लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था।
तीन प्रमुख मांगों पर अड़े ग्रामीण, सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल
मौके पर पहुंचे भाजपा नेता दिलीप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों और पीडि़त परिवार ने प्रशासन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें मृतक के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने तथा क्षेत्र में 24 घंटे प्रामाणिक चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा क्षेत्र में लंबे समय से पांव पसार चुके झोलाछापों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दूरदराज के इलाकों में रात के समय सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण लोग मजबूरी में इन नीम-हकीमों के चंगुल में फंस जाते हैं। जब तक प्रशासन इन मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं देता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, मौत के वास्तविक चिकित्सीय कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।

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